वास्तु दोष निवारण मंत्र वास्तु शास्त्र में उल्लेख किया गया एक प्रमुख मंत्र है जिसका उपयोग घर और कार्य स्थल की नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करने और सकारात्मक बनाने के लिए किया जाता है। ऐसा माना जाता है की इस मंत्र के पाठ से नकारात्मक ऊर्जाएँ दूर होती हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। आप भी जानें यह विशेष मंत्र और करें इसका जाप।
वास्तु दोष निवारण मंत्र हिंदी में । Vastu Dosh Mantra in Hindi
नमस्ते वास्तु पुरुषाय भूशय्या भिरत प्रभो |
मद्गृहं धन धान्यादि समृद्धं कुरु सर्वदा ||
वास्तु दोष निवारण मंत्र का विवरण :
इस मंत्र के जाप के लिए सुबह का समय या संध्या काल सबसे उपयुक्त माना जाता है। मंत्र पाठ से पहले अपने पूरे घर की साफ़-सफाई करें और उसके बाद इस मंत्र के जाप के लिए एक उचित स्थान का चयन करें और फिर अपना आसन ग्रहण करें। इसके बाद आँखें बंद करके ध्यान करें और मन को शांत करके इस मंत्र का जाप 108 बार करें।
वास्तु दोष निवारण मंत्र आपके घर और कार्यालय के किसी भी स्थान पर से वास्तु दोष को दूर करता है। इसके जाप से घर के वातावरण में शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है। यह मंत्र व्यक्ति के मानसिक स्थिति को सुखद और शांत बनाता है। यह मंत्र परिवार और घर के वातावरण में भी शांति लाता है और आपके गृह क्लेश से भी मुक्ति दिलाता है। इस मंत्र का जाप से आपके घर की धन संबंधी परेशानी भी दूर होती है।








