इस संसार में हर किसी को गुरु की आवश्यकता होती है, गुरु के बिना किसी को भी ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती। यहाँ तक की जब भगवान विष्णु ने इस संसार में प्रभु श्री राम और श्री कृष्ण के रूप में अवतार लिया था उन्होंने भी अपने गुरु की कृपा से ही ज्ञान अर्जित किया था। गुरु की शिक्षा-दीक्षा ही किसी व्यक्ति को इस संसार में जीवनयापन करने का ज्ञान देती है।
गुरूजी मंत्र हिंदी में । Guruji Mantra in Hindi
ॐ वेदाहि गुरु देवाय विद्महे परम गुरुवे धीमहि तन्नौ: गुरु: प्रचोदयात्।
नमामि महादेवं देवदेवं, भजामि भक्तोदय भास्करम तं |
ध्यायामि भूतेश्वर पाद्पंकजम, जपामि शिष्योद्धर नाम रूपं
ॐ त्वमा वह वहै वद वै गुरौर्चन घरै सह प्रियन्हर्शेतु ||
गुरूजी मंत्र का विवरण :
किसी के जीवन में जितना महत्व गुरु का है उतना ही इन गुरु मंत्रों का है। गुरु मंत्र का नियमित रूप से जाप करना आपके जीवन की दसा-दिशा में एक सकारात्मक बदलाव लाता है। इसके जाप से आपकी कुंडली में भी कई महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव आते हैं। गुरु मंत्र के जाप को ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग भी बताया जाता है, कहते हैं की जो भी गुरु मंत्र का जाप करता है उसे ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इस मंत्र को गुरु गायत्री मंत्र भी कहते हैं। इस मंत्र का अर्थ बड़ा ही सरल सा है, और इसके माध्यम से कहा गया है की “हे गुरुदेव, मैं ईश्वर को नहीं पहचानता, ना ही मैंने कभी ईश्वर के दर्शन किए हैं, परन्तु मैंने आपको देखा है और आपके माध्यम से ही मैं उस ईश्वर के दर्शन की कामना करता हूँ। मैं आपकी ही पूजा अर्चना करते हुए, पूरे मन से खुद को आपको समर्पित करते हुए पूर्णता की प्राप्ति करना चाहता हूँ।”