शैलपुत्री मंत्र हिंदी में । Shailputri mantra in Hindi
नवरात्री के दिनों में माँ के अलग अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है। नवरात्री का पहला दिन माँ शैलपुत्री को समर्पित होता है। इस दिन सभी भक्त सच्चे मन और पूर्ण श्रद्धा के साथ माँ शैलपुत्री की उपासना करते है। माँ शैलपुत्री की उपासना करने से जीवन में स्थिरता आने के साथ साथ जीवन आने वाली परेशानियाँ बहुत जल्द दूर हो जाती है।
माँ शैलपुत्री के स्वरूप को देखें तो माता के बाएं हाथ में त्रिशूल, दाएं हाथ में डमरू और माता शैलपुत्री बैल पर सवार है। ऐसे इंसान जिनकी कुंडली में चन्द्रमा दोष होता है उन्हें अकसर माँ शैलपुत्री की उपासना करने की सलाह दी जाती है। चलिए अब हम आपको माँ शैलपुत्री के प्रभावशाली मंत्र के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है। नीचे बताए जा रहे मंत्र का जाप रोजाना करने से आपके जीवन में सुख समृद्धि आती है।
शैलपुत्री मंत्र इन हिंदी
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:।
माँ शैलपुत्री मंत्र जप विधि
शैलपुत्री मंत्र का जाप करने के लिए सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान करके साफ कपड़ें पहन लें। पूजा स्थल पर साफ कपडा बिछा कर बैठ जाएं। अपने सामने एक चौकी पर लाल कपडा बिछाकर उस कपड़ें के ऊपर माता शैलपुत्री की फोटो या मूर्ति रख लें। एक कलश में जल भर लें। कलश के मुँह पर आम के पत्ते रख कर उसके ऊपर चुन्नी में ढका हुआ नारियल रख दें।
माता के सामने दीपक और धूप बत्ती जला दें। माता को श्रृंगार का सामान, पुष्प, फल और मिठाई अर्पित करें। माता की आरती और चालीसा का पाठ करें। पाठ समाप्त होने के बाद हाथ में तुलसी की माला लेकर ऊपर बताए गए मंत्र का जाप 108 बार करें। जाप पूर्ण होने के बाद माँ शैलपुत्री से अपने जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करने की कामना करें।








