इस शांति मंत्र को शांति पाठ के रूप में भी जाना जाता है। कहा जाता है की इस मंत्र के माधयम से आपके घर परिवार के साथ-साथ हम चराचर जगत की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं। यह मंत्र और कुछ नहीं बल्कि ईश्वर से की गयी एक प्रार्थना है जिससे हम शांति के लिए भगवान से अनुरोध करते हैं।
इस मंत्र के माध्यम से हम सभी के बीच भाईचारा जैसा संबंध बना रहे इस बात की कामना करते हैं। यह मंत्र आपके कुंडली के ग्रहों की बुरी दसा को भी बदल सकता है। इससे हमारी कुंडली के ग्रह-नक्षत्रों को शांत किया जाता है जिससे हमारे जीवन पर किसी तरह का संकट या परेशानी ना आये और जीवन सुखमय बना रहें।
शांति मंत्र हिंदी में । Shanti Mantra in Hindi
ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष, शांति पृथ्वी:
शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शांति : ।
वनस्पत्य: शांतिविश्वे: देवा: शांति,
सर्वँ शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सामा शान्तिरेधि॥
ॐ शान्ति:! शान्ति:! शान्ति:॥
शांति मंत्र के जाप करने की विधि और इसके लाभ :
हमारे हिन्दू धर्म के बेहद ही प्रमुख ग्रन्थ ऋग्वेद से इस मंत्र को लिया गया है, जिसमें इस मंत्र की विशेषता बताई गयी है। इस मंत्र को जाप करने के लिए स्वयं को शुद्ध और स्वच्छ करें, फिर अपने मन से सभी बुरे विचारों का परित्याग करें, उसके बाद इस मंत्र का जाप करने बैठें। आसान के रूप में आप किसी भी तरह के साफ़ वस्त्र का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बाद अपनी आँखे बंद करें और अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर प्रणाम की मुद्रा में बैठ जाए और इस मंत्र का जाप करें।
इस शांति मंत्र के जाप से व्यक्ति के भीतर एक मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस मंत्र के जाप मात्र से आप अपने भीतर और अपने आस-पास खुशहाल माहौल का अनुभव करेंगे। इस मंत्र का जाप आपके रक्तचाप को भी नियंत्रित और संतुलित करता है। इसके जाप से आपके घर परिवार में भी शांति और समृद्धि आती है।








