सभी बच्चों के माता पिता की इच्छा होती है की उनके पुत्र या पुत्री का विवाह एक उचित समय आने पर हो जाए। आज के इस नए समय में तो युवा युवती के मन में भी अपने विवाह के लिए कई इच्छाएं होती हैं। हालाँकि कभी-कभी कई परिस्थिति सही न होने पर या कुंडली में किसी दोष की वजह से आपके विवाह में रुकावटें आ जाती हैं। इन मंत्रों के जाप से आपके विवाह के मध्य आने वाली समस्या का अंत हो जाता है।
विवाह मंत्र हिंदी में । Vivah Mantra in Hindi
पहला मंत्र – पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्। तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्।।
दूसरा मंत्र – ॐ गं गणपतये नमः
तीसरा मंत्र – ॐ सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा
चौथा मंत्र – ॐ श्रीं वर प्रदाय श्री नामः
पाँचवाँ मंत्र – क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
छठा मंत्र – ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरूवे नम:
विवाह मंत्र का विवरण :
अगर आपके भी विवाह में कुंडली दोष या किसी और वजह से देरी हो रही है तो इन मंत्रों का जाप आपके लिए बेहद ही लाभकारी सिद्ध होता है। इन मंत्रों के जाप के लिए सबसे पहले सुबह उठें और स्नान इत्यादि कर के खुद को स्वच्छ कर लें, फिर साफ़ सुथरे वस्त्र धारणा करें। इसके बाद आपको हर सुबह इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
यहाँ बताये गए मंत्रों में पहला मंत्र केवल पुरुषों के लिए है, आपको इसका जाप 11 बार करना चाहिए। दूसरा मंत्र भगवान श्री गणेश के लिए है जो सभी के दुखहर्ता कहलाते हैं और मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं का अंत करते हैं। उसी तरह अन्य बताये गए मंत्र भी आपके विवाह में आने वाली किसी भी समस्या का अंत करते हैं और योग्य जीवनसाथी पाने में हमारी सहायता करते हैं।








