सभी देवों के देव कहे जाने वाले महादेव को समर्पित यह मंत्र एक बेहद ही शक्तिशाली मंत्र है। इस मंत्र का विवरण हमारे पौराणिक ग्रंथों में भी बखूबी किया गया है। ऐसी मान्यता है की इस मंत्र का जाप शारीरिक और मानसिक रोगों से निजात पाने में सहायक होता है और इस मंत्र में सभी के शारीरिक घावों को भरने की शक्ति होती है। तो, आप भी जानें यह खास मंत्र और इसके जपने की विधि।
रोग निवारण मंत्र हिंदी में । Healing Mantra in Hindi
क्क जूं सः माम्पालय पालय सः जूं क्क।।
रोग निवारण मंत्र की विधि और लाभ :
भगवान शिव को समर्पित यह मंत्र किसी भी शारीरिक समस्याओं से पीड़ित व्यक्ति की मदद करता है और उसके सभी शारीरिक कष्टों का निवारण करता है। इस मंत्र का जाप करने के लिए उत्तर दिशा की ओर अपना मुंह करना उत्तम माना जाता है। साथ ही अपने समक्ष महादेव की एक प्रतिमा स्थापित करें और उसके बाद उनके समक्ष एक दीपक प्रज्वलित करें।
दीपक प्रज्वलित करने के पाश्चात्य एक रुद्राक्ष की माला के साथ इस मंत्र का जाप आरंभ करें। इस मंत्र का जाप आपको कम से कम 108 बार करना चाहिए। हालाँकि आप चाहें तो संख्या बढ़ा भी सकते हैं। कहते हैं की इस मंत्र का नियमित रूप से जाप करने से व्यक्ति को शारीरिक कष्टों से निजात मिलता है और शरीर में ऊर्जा की प्रवाह होता है। इस मंत्र का जाप मन को शांत करने, चिंता और तनाव को कम करने, और मानसिक चैन को प्राप्त करने में भी मदद करता है।








