ज्योतिष शास्त्र की मानें तो चंद्र देव का हमारी कुंडली में एक प्रभाव रहता है। उन्हें की कृपा से हमारा मन शांत और शीतल रहता है, आपके मन में कोई भी नकारात्मक विचार नहीं आते और क्रोध आपसे दूर भागता है। अगर पर पूरी श्रद्धा के साथ और सच्चे मन के सतह चंद्र देव के इस मंत्र का जाप करें तो आपके जीवन में भी सुख और शांति आएगी।
चंद्र मंत्र हिंदी में । Chandra Mantra in Hindi
श्वेताम्बरः श्वेतांबरश्च श्वेता धुयातिर दंडाधारो द्विबाहुहु चंद्रो मृत्युत्मा वरदः किरीति माङ् प्रसादम् विधातु देवः।।
श्वेतांबरः श्वेत विभूषणश्च श्वेत धुयतीर दण्डधारो द्विबाहु चंद्रो मृतात्मा वरदः किरीति मयि प्रसादं विधातु देवः ।।
चंद्र मंत्र का विवरण :
चंद्र देव के इस मंत्र को चंद्र ध्यान मंत्र भी कहा जाता है। इस मंत्र के माध्यम से चंद्र देव की श्वेत रंग की वेशभूषा का वर्णन किया गया है जो शीतलता और शांति का प्रतीक माना जाता है। इस मंत्र के जरिये चंद्र देव से प्रार्थना की जाती है की वो हमारी बुद्धि का विकास करें और हमें आत्मविश्वास के साथ जीवन की कठिनाइयों को पार करने का साहस दें।
इस मंत्र का जाप कोई भी कर सकता है। इसके जाप के लिए सबसे उपयुक्त दिन शुक्ल पक्ष के सोमवार को माना जाता है। इसके जाप से आपके भीतर आत्म जागरूकता आती है और आपका इस जीवन के प्रति दृष्टिकोण सकारात्मक होता है, जिससे आपके भीतर एक शीतल और शांत भाव से सभी परेशानियों से निपटने की शक्ति आती है।
यह मंत्र आपको भीतर से ऊर्जावान महसूस कराता है और आप अपने दैनिक कार्यों से थका हुआ नहीं महसूस करते। इस मंत्र का जाप आप 108 बीज वाले रुद्राक्ष की माला के साथ 18 बार करें तो आपको उचित परिणाम मिलते हैं।








