गायत्री मंत्र का अर्थ हिंदी में । Gayatri Mantra ka Arth in Hindi

गायत्री मंत्र की महिमा का महत्व हमारे हिन्दू धर्म के सभी ग्रंथों में बखूबी बताया गया है। इस मंत्र को आपने भी अकसर पूजा आयोजनों में सुना होगा, यह एक बेहद ही शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। ऐसा माना जाता है की जो भी व्यक्ति इस मंत्र का जाप करता है उसके अंतर मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइये जानते हैं की बेहद ही लोकप्रिय इस गायत्री मंत्र का क्या अर्थ होता है।

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गायत्री मंत्र का अर्थ हिंदी में । Gayatri Mantra ka Arth in Hindi

ॐ भूर्भव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

गायत्री मंत्र का अर्थ :
जटिल सा प्रतीत होने वाले इस गायत्री मंत्र का अर्थ बड़ा ही सरल सा है। इसके माध्यम से कहा गया है की “हे ईश्वर हम आपकी वंदना करते हैं, जिन्होंने इस पूरे संसार की रचना की है, जो सभी के लिए पूजनीय हैं, जिनके भीतर समस्त ज्ञान का भण्डार है, जो इस सृष्टि के सभी पापों और बुराइयों का नाश करते हैं, आप ही हमें अंधकार से निकाल कर प्रकाश का मार्ग दिखाएँ और सत्य की राह पर हमें चलने की शक्ति दें”।

यह भी पढ़ें: पूरे भारत भर में गणेश चतुर्थी को बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है, कई जगह गणेश जी की मूर्ति स्थापना होती है और जब इस पूजा का समापन हो जाता है तो मूर्ति का विसर्जन किया जाता है, आप भी जानें विसर्जन के दौरान किस मंत्र का जाप करना होता है जरूरी।

ऐसी मान्यता है की गायत्री मंत्र का जाप आप तीनों प्रहार में कर सकते हैं, यानी सूर्योदय से पूर्व, दोपहर में और सूर्यास्त से ठीक पहले, तीनों ही समय इस मंत्र के जाप के लिए उपयुक्त मानें गए हैं। इस मंत्र का जाप सभी के लिए ही लाभकारी सिद्ध होता है, हालाँकि विद्यार्थियों को इस मंत्र को प्रतिदिन 108 बार जरूर जपना चाहिए, कहा जाता है की इससे ज्ञान पाने में सहायता मिलती है।

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